नई दिल्ली: भारत में टाइप-2 डायबिटीज़ (Type 2 Diabetes) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे चिंता की बात यह है कि कई लोगों को वर्षों तक यह पता ही नहीं चलता कि उन्हें डायबिटीज़ है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का हिस्सा समझकर अनदेखा कर दिए जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
क्या है टाइप-2 डायबिटीज़?
टाइप-2 डायबिटीज़ एक ऐसी दीर्घकालिक (Chronic) बीमारी है जिसमें शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता या पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता। परिणामस्वरूप रक्त में ग्लूकोज़ (शुगर) का स्तर बढ़ जाता है।
यदि लंबे समय तक ब्लड शुगर नियंत्रित न रहे तो इसका असर आंखों, किडनी, हृदय, नसों और पैरों पर पड़ सकता है।
टाइप-2 डायबिटीज़ के शुरुआती लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार निम्नलिखित संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए:
1. बार-बार पेशाब आना
जब रक्त में शुगर की मात्रा अधिक हो जाती है तो किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज़ को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालने की कोशिश करती है। इसके कारण व्यक्ति को बार-बार पेशाब आने लगता है, खासकर रात के समय।
2. अत्यधिक प्यास लगना
बार-बार पेशाब आने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिससे लगातार प्यास महसूस होती है।
3. बार-बार भूख लगना
शरीर की कोशिकाएं पर्याप्त ग्लूकोज़ का उपयोग नहीं कर पातीं, इसलिए शरीर को ऊर्जा की कमी महसूस होती है और बार-बार भूख लगती है।
4. लगातार थकान
यदि पर्याप्त नींद लेने के बावजूद हर समय थकान महसूस हो रही है, तो यह भी बढ़ी हुई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है।
5. धुंधला दिखाई देना
रक्त में अधिक ग्लूकोज़ आंखों के लेंस में अस्थायी बदलाव ला सकता है, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है।
6. घाव का देर से भरना
यदि छोटे-छोटे घाव या कट जल्दी ठीक नहीं हो रहे हैं, तो यह डायबिटीज़ का संकेत हो सकता है क्योंकि हाई ब्लड शुगर शरीर की उपचार क्षमता को प्रभावित करती है।
7. हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे हाथों और पैरों में झुनझुनी, जलन या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
8. बार-बार संक्रमण होना
महिलाओं में बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) या यीस्ट इंफेक्शन तथा पुरुषों और महिलाओं दोनों में त्वचा संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है।
9. बिना कारण वजन घटना
कुछ लोगों में बिना किसी विशेष डाइट या व्यायाम के वजन कम होने लगता है। यह भी डायबिटीज़ का संकेत हो सकता है।
महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लक्षण लिंग के अनुसार अलग हो सकते हैं।
महिलाओं में:
- बार-बार UTI
- बार-बार यीस्ट इंफेक्शन
- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) वाली महिलाओं में जोखिम अधिक
पुरुषों में:
- यौन इच्छा में कमी
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन
- टेस्टोस्टेरोन स्तर में कमी के कारण कमजोरी महसूस होना
किन लोगों को अधिक खतरा?
इन लोगों में टाइप-2 डायबिटीज़ होने का खतरा अधिक रहता है—
- परिवार में डायबिटीज़ का इतिहास
- मोटापा या बढ़ा हुआ पेट
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- हाई ब्लड प्रेशर
- प्रीडायबिटीज़
- 45 वर्ष से अधिक आयु
- गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज़ का इतिहास
- PCOS से पीड़ित महिलाएं
लक्षण दिखें तो क्या करें?
यदि ऊपर बताए गए एक या अधिक लक्षण लगातार बने हुए हैं तो स्वयं अनुमान लगाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। चिकित्सक निम्न जांच कराने की सलाह दे सकते हैं—
- फास्टिंग ब्लड शुगर
- HbA1c टेस्ट
- पोस्ट प्रांडियल (PP) ब्लड शुगर
- ओरल ग्लूकोज़ टॉलरेंस टेस्ट (आवश्यकता अनुसार)
समय पर जांच से बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है।
क्या टाइप-2 डायबिटीज़ से बचाव संभव है?
विशेषज्ञों का मानना है कि कई मामलों में स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर टाइप-2 डायबिटीज़ के खतरे को कम किया जा सकता है।
अपनाएं ये आदतें
- प्रतिदिन कम से कम 30–45 मिनट व्यायाम करें।
- वजन नियंत्रित रखें।
- मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं।
- साबुत अनाज, फल, सब्जियां और फाइबरयुक्त भोजन लें।
- पर्याप्त नींद लें।
- तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, विशेषकर यदि परिवार में डायबिटीज़ का इतिहास हो।
डॉक्टर कब दिखाना चाहिए?
यदि आपको निम्न में से कोई भी समस्या लगातार महसूस हो रही है, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें—
- बहुत अधिक प्यास लगना
- बार-बार पेशाब आना
- अचानक धुंधला दिखाई देना
- बिना कारण वजन घटना
- घाव का देर से भरना
- हाथ-पैरों में सुन्नपन
- लगातार थकान
समय पर उपचार शुरू होने से आंखों, किडनी, हृदय और नसों से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा काफी कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य संदेश
टाइप-2 डायबिटीज़ अक्सर धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती लक्षण सामान्य लग सकते हैं। लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। यदि आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को ये संकेत दिखाई दें, तो जल्द से जल्द ब्लड शुगर की जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर पहचान और स्वस्थ जीवनशैली ही डायबिटीज़ से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।