डायबिटीज के मरीजों में बढ़ रहा ‘फ्रोजन शोल्डर’ का खतरा! कंधे में दर्द और जकड़न को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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नई दिल्ली: अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और पिछले कुछ समय से कंधे में दर्द, जकड़न या हाथ ऊपर उठाने में परेशानी महसूस कर रहे हैं, तो इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज न करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में फ्रोजन शोल्डर (Adhesive Capsulitis) होने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। समय रहते पहचान और सही इलाज से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या है फ्रोजन शोल्डर?

फ्रोजन शोल्डर एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे के जोड़ के आसपास मौजूद ऊतक धीरे-धीरे सख्त हो जाते हैं। इसके कारण कंधे में दर्द, जकड़न और हाथ को घुमाने या ऊपर उठाने में कठिनाई होने लगती है। यदि इसका समय पर इलाज न कराया जाए तो यह रोजमर्रा के सामान्य कामों जैसे कपड़े पहनना, बाल बनाना या किसी सामान को उठाना भी मुश्किल बना सकता है। (PubMed)

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डायबिटीज में क्यों बढ़ जाता है इसका खतरा?

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से शरीर में मौजूद कोलेजन प्रोटीन पर असर पड़ता है। इससे कंधे के आसपास के टिश्यू कठोर होने लगते हैं। इसके अलावा शरीर में सूजन (Inflammation), रक्त संचार में कमी और घाव भरने की धीमी प्रक्रिया भी फ्रोजन शोल्डर के जोखिम को बढ़ाती है। यही वजह है कि अनियंत्रित डायबिटीज वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। (PubMed)

किन लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत?

निम्न लोगों में यह समस्या होने की संभावना अधिक होती है—

  • लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित मरीज।
  • जिनका ब्लड शुगर लगातार नियंत्रण में नहीं रहता।
  • 40 से 60 वर्ष की आयु के लोग।
  • महिलाएं, विशेषकर रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद।
  • जिनके कंधे में पहले चोट लगी हो या लंबे समय तक हाथ का इस्तेमाल कम हुआ हो।

फ्रोजन शोल्डर के प्रमुख लक्षण

यदि नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें—

  • कंधे में लगातार दर्द।
  • हाथ ऊपर उठाने या पीछे ले जाने में परेशानी।
  • कपड़े पहनने, बाल संवारने या सीट बेल्ट लगाने में कठिनाई।
  • रात में दर्द बढ़ जाना।
  • कंधे की गति धीरे-धीरे कम होना।
  • कंधे में जकड़न के कारण दैनिक कार्यों में परेशानी।

फ्रोजन शोल्डर के तीन चरण

1. फ्रीजिंग स्टेज

इस चरण में दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और कंधे की मूवमेंट कम होने लगती है।

2. फ्रोजन स्टेज

दर्द कुछ कम हो सकता है, लेकिन जकड़न काफी बढ़ जाती है और हाथ घुमाना मुश्किल हो जाता है।

3. थॉइंग स्टेज

सही इलाज और फिजियोथेरेपी से धीरे-धीरे कंधे की मूवमेंट वापस आने लगती है। हालांकि पूरी तरह ठीक होने में कई महीनों से लेकर एक-दो साल तक का समय लग सकता है।

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कैसे होती है जांच?

डॉक्टर आमतौर पर मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक परीक्षण के आधार पर इसका निदान करते हैं। जरूरत पड़ने पर एक्स-रे या एमआरआई जैसी जांच भी कराई जा सकती है ताकि अन्य समस्याओं को बाहर किया जा सके।

क्या है इसका इलाज?

फ्रोजन शोल्डर का इलाज मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। इसमें शामिल हो सकते हैं—

  • फिजियोथेरेपी
  • नियमित स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज
  • दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं
  • कुछ मामलों में स्टेरॉयड इंजेक्शन
  • गंभीर स्थिति में सर्जरी की आवश्यकता

विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी जल्दी इलाज शुरू किया जाए, रिकवरी उतनी बेहतर हो सकती है।

ब्लड शुगर कंट्रोल क्यों है जरूरी?

यदि डायबिटीज नियंत्रित नहीं रहती, तो फ्रोजन शोल्डर से उबरने में अधिक समय लग सकता है। इसलिए दवाओं के साथ-साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन करना बेहद आवश्यक है।

बचाव के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

  • ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
  • रोजाना हल्की स्ट्रेचिंग करें।
  • लंबे समय तक कंधे को निष्क्रिय न रखें।
  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
  • वजन नियंत्रित रखें।
  • किसी भी प्रकार के लगातार कंधे के दर्द को नजरअंदाज न करें।
  • समय-समय पर डॉक्टर से स्वास्थ्य जांच कराएं।
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कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

यदि कंधे का दर्द लगातार बढ़ रहा हो, हाथ उठाने में परेशानी हो, रात में दर्द के कारण नींद प्रभावित हो रही हो या ब्लड शुगर के साथ कंधे की जकड़न भी महसूस हो रही हो, तो बिना देरी किए ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लें।

निष्कर्ष

डायबिटीज केवल ब्लड शुगर तक सीमित बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकती है। फ्रोजन शोल्डर भी ऐसी ही एक जटिल समस्या है, जिसे अक्सर लोग सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। समय पर पहचान, नियंत्रित ब्लड शुगर, नियमित फिजियोथेरेपी और चिकित्सकीय सलाह से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। यदि आपको लंबे समय से कंधे में दर्द या जकड़न महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में लेने की बजाय विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको डायबिटीज, कंधे में दर्द, जकड़न या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है, तो उचित जांच और उपचार के लिए योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

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