क्या आपका बच्चा पहले से ज्यादा चुप रहने लगा है? उसके व्यवहार में बदलाव को नजरअंदाज न करें।

लंबे समय तक उदासी अगर किशोर लगातार उदास, निराश या खालीपन महसूस करता है, तो यह मानसिक परेशानी का संकेत हो सकता है।

पसंदीदा चीजों से दूरी खेलकूद, दोस्तों से मिलना या पसंदीदा गतिविधियों में रुचि कम होना ध्यान देने योग्य बदलाव है।

छोटी बातों पर गुस्सा किशोरों में मानसिक परेशानी कभी-कभी चिड़चिड़ेपन, गुस्से या बार-बार झुंझलाने के रूप में भी दिखाई दे सकती है।

नींद और भूख बदलना नींद कम या ज्यादा होना, भूख में बदलाव और लगातार थकान महसूस करना संभावित चेतावनी संकेत हो सकते हैं।

अकेले रहना पसंद करना परिवार और दोस्तों से लगातार दूरी बनाना या बातचीत कम कर देना भी ध्यान देने योग्य है।

पढ़ाई में मन न लगना ध्यान लगाने में कठिनाई, काम पूरे न कर पाना और पढ़ाई में प्रदर्शन गिरना मानसिक परेशानी से जुड़ा हो सकता है।

समय पर पहचानें, प्यार से बात करें • बच्चे की बात बिना टोके सुनें। • उसे डांटने या दूसरों से तुलना करने से बचें। • बदलाव लगातार रहें तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। याद रखें: केवल इन संकेतों से डिप्रेशन का निदान नहीं किया जा सकता।

मदद मांगना कमजोरी नहीं है अगर आप या आपका बच्चा मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, तो सहायता लेने में संकोच न करें।

Tele-MANAS: 14416 निःशुल्क • गोपनीय • 24×7 भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवा।

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